कोलकाता, 09 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य के बारे में तथ्य सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किए जा रहे हैं। उत्तर 24 परगना के अगरपाड़ा में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में लोगों को मछली, अंडा और मांस खाने से रोका जाता है, जबकि बंगाल में लोगों को अपनी पसंद का भोजन करने की स्वतंत्रता है।
उन्होंने कहा कि यह दावा किया जा रहा है कि बंगाल में मछली उत्पादन पर्याप्त नहीं है, जबकि वास्तविक स्थिति अलग है। उनके अनुसार पहले राज्य में आंध्र प्रदेश से मछली आती थी, लेकिन अब स्थानीय उत्पादन से ही जरूरतें पूरी हो रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य के हालात की सही जानकारी रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित प्रदेशों में मांसाहारी भोजन को लेकर प्रतिबंध लगाए जाते हैं और दुकानों को बंद कराया जाता है। इसके विपरीत बंगाल में किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं है और यहां हर बाजार में मछली उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि यहां से ओमान को गोमांस का निर्यात किया जाता है।
हल्दिया में प्रधानमंत्री द्वारा मछली उत्पादन को लेकर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में मत्स्य क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र की बातें सही होतीं तो बाजारों में मछली की उपलब्धता नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि इसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी इसके बावजूद आगामी चुनाव में जीत हासिल करेगी और इस मुद्दे को न्यायालय में भी ले जाया जाएगा।
अन्य सभाओं में उन्होंने भाजपा पर लोगों को पैसे देकर रैलियों में भीड़ जुटाने और बंगाली भाषा बोलने वालों को परेशान करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने परिसीमन को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि राज्य को विभाजित करने की कोशिश की जा रही है।











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