मंदसौर, 08 मई।
नीमच–रतलाम रेलखंड के दोहरीकरण कार्य के तहत मंदसौर–दलौदा सेक्शन पर गुरुवार रात किए जा रहे गति परीक्षण के दौरान एक बड़ा रेल हादसा टल गया। दलौदा स्टेशन के समीप परीक्षण हेतु संचालित मालगाड़ी का एक डिब्बा अचानक पटरी से उतर गया, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए गंभीर हो गई।
जानकारी के अनुसार, बेपटरी हुआ वैगन अप लाइन की ओर झुक गया और उसी समय दूसरी लाइन से गुजर रहे ट्रायल इंजन से उसकी टक्कर हो गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ट्रायल इंजन को भी केवल मामूली क्षति पहुंची है, जबकि सभी कर्मचारी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रतलाम मंडल के वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और देर रात तक ट्रैक को दुरुस्त करने तथा बेपटरी डिब्बों को पुनः पटरी पर लाने का कार्य जारी रहा।
रेलवे बोर्ड की टीम द्वारा रात लगभग 10 बजे मंदसौर–दलौदा के बीच करीब 14 किलोमीटर लंबे नए ट्रैक पर 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से परीक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान मालगाड़ी के डिब्बों के पहिए एक्सल सहित अलग हो गए, जिसके कारण वैगन पटरी से उतर गया। प्रारंभिक जांच में घटना का कारण तकनीकी खामी माना जा रहा है, जो ट्रैक अथवा वैगन से संबंधित हो सकती है।
हादसे के बाद इस मार्ग पर रेल यातायात अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ और ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया। रेलवे कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद देर रात बेपटरी डिब्बों को हटाकर ट्रैक को पुनः चालू किया। रतलाम रेल मंडल के अनुसार रात लगभग 1:30 बजे डिरेल हुए डिब्बों को अलग कर ट्रैक को सामान्य स्थिति में लाया गया।
इस घटना के कारण दलौदा रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहा, जिससे सीतामऊ और दलौदा के बीच आवागमन प्रभावित हुआ और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि नीमच–रतलाम के बीच 133 किलोमीटर लंबे दोहरीकरण कार्य का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार जून तक इस खंड पर नियमित रेल संचालन शुरू होने की संभावना है। वर्तमान में कुछ ट्रेनों का संचालन नीमच तक सीमित किया गया है। जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।






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