जोधपुर, 08 मई
जोधपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर एक स्वर्ण कारीगर ठगी का शिकार हो गया। वह बस के माध्यम से सोना लेकर जोधपुर पहुंचा था और उसे आगे पश्चिम बंगाल जाना था। इसी दौरान दो अज्ञात शातिरों ने उसे जाल में फंसाकर सोना सुरक्षित ले जाने के लिए विशेष कार्ड बनवाने का झांसा दिया और बातचीत में उलझाकर उसके साथ ठगी कर ली।
जानकारी के अनुसार यह घटना 6 मई की रात की है, जिसके बाद पीड़ित ने राजकीय रेलवे पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है।
पीड़ित भावेश धोनाई, जो पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले के निवासी हैं, ने रिपोर्ट में बताया कि वह पोकरण निवासी भंवरलाल सोनी के लिए स्वर्ण आभूषण बनाने का कार्य करते हैं और पिछले सात महीनों से उनके साथ जुड़े हुए हैं। उन्हें प्रति माह मजदूरी के साथ सोने के काम के बदले कुछ ग्राम सोना भी मिलता था। सात महीनों में उनके हिस्से का लगभग पंद्रह ग्राम सोना एकत्र हुआ था, जिसे वह अपने साथ लेकर यात्रा कर रहे थे।
वे 6 मई को बस से जोधपुर पहुंचे और रात में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर मौजूद थे, जहां से उन्हें हावड़ा जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी। रात लगभग 8:10 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उनके पास आए और बातचीत शुरू की। उन्होंने कहा कि सोना साथ ले जाने के लिए कार्ड बनवाना जरूरी है और इसी बहाने उन्हें बातों में उलझा लिया।
इसके बाद दोनों शातिरों ने उनसे लगभग पंद्रह ग्राम सोना, उनका फोन और तीन हजार रुपये नकद लेकर चुपचाप फरार हो गए। पीड़ित ने उन्हें काफी तलाशा, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। फिलहाल रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






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