नीट स्नातक पेपर लीक प्रकरण में मंगलवार देर रात राजस्थान के विशेष अभियान समूह ने गुरुग्राम के फरुखनगर क्षेत्र के खुर्रमपुर गांव में कार्रवाई करते हुए एक चिकित्सा स्नातक छात्र यश को हिरासत में ले लिया। टीम को संदेह है कि यश इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और अभ्यर्थियों व मुख्य गिरोह के बीच अहम कड़ी के रूप में काम कर रहा था।
सूचना के अनुसार तकनीकी इनपुट और गोपनीय जानकारी के आधार पर टीम ने देर रात उसके आवास पर दबिश दी। उस समय यश घर पर मौजूद था, जहां प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे अपने साथ ले जाया गया। अब उससे राजस्थान में दर्ज मामलों के संदर्भ में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या उसके उत्तर उसके पास पहुंच चुके थे, जिन्हें आगे अन्य व्यक्तियों तक पहुंचाया गया। इस पूरे मामले में उसके मोबाइल फोन, कॉल विवरण, बैंक खातों और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है ताकि वित्तीय लेनदेन और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में साक्ष्य जुटाए जा सकें।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र की भौतिक प्रति नासिक की एक छपाई इकाई से लीक हुई थी, जिसे गुरुग्राम लाकर आगे फैलाया गया। यह भी आशंका जताई जा रही है कि आसपास के क्षेत्रों में प्रश्नपत्र के नकली सेट भी तैयार किए गए। जांच के दायरे में चिकित्सकों और कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी आ रही है।
सूत्रों के अनुसार लीक प्रश्नपत्र एक चिकित्सक अखलाक अहमद तक भी पहुंचा था, हालांकि उसकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां अभी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं। इससे पहले फर्जी प्रवेश और दस्तावेज तैयार करने के मामले में महिपालपुर क्षेत्र से तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। परीक्षा रद्द होने के बाद पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के हवाले है और नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।




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