अजमेर, 13 मई।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा दिलाने के गंभीर मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें आयोग में कार्यरत एक लिपिक को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आयोग की आंतरिक सतर्कता और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद यह गिरफ्तारी हुई है।
जानकारी के अनुसार आयोग की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस प्रकरण का खुलासा हुआ। आयोग सचिव की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद राज्य विशेष जांच दल ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लिपिक को गिरफ्तार किया।
मामले में अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा पर आरोप है कि उसने परीक्षा के दौरान अपनी उपस्थिति पत्रक में फोटो की जगह डमी कैंडिडेट की फोटो लगाकर फर्जीवाड़ा किया। इसके साथ ही हस्ताक्षर और जन्मतिथि में भी हेरफेर कर दस्तावेजों में बदलाव किया गया।
इस धोखाधड़ी के आधार पर अभ्यर्थी ने मुख्य चयन सूची में 569वीं रैंक हासिल कर ली थी, लेकिन जांच में गड़बड़ी सामने आने पर मामला उजागर हुआ। आयोग ने समय रहते इसे पकड़ लिया और जांच एजेंसियों को सूचनाएं उपलब्ध कराईं।
जांच में सामने आया कि आयोग में कार्यरत लिपिक मानसिंह मीणा इस पूरे प्रकरण में सहयोगी था और उसने इस फर्जीवाड़े में भूमिका निभाई। आरोपी लिपिक ने वर्ष 2020 में कनिष्ठ लिपिक के रूप में आयोग में कार्यभार संभाला था और उसका संबंध अभ्यर्थी से परिचित के रूप में पाया गया है।
अभ्यर्थी ने 17 और 18 अक्टूबर 2022 को जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर अलग-अलग विषयों की परीक्षा डमी कैंडिडेट के माध्यम से दिलवाई थी, जिसमें सामान्य ज्ञान और इतिहास विषय शामिल थे।
आयोग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए ओएमआर शीट, उपस्थिति पत्रक सहित कुल 13 महत्वपूर्ण दस्तावेज जांच एजेंसियों को सौंपे थे। मामले में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश सहित कई धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है।








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