भोपाल, 15 मई।
मध्य प्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली स्मृति में “सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान” की स्थापना करते हुए इसके लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं, जिसके तहत सुशासन, संस्कृति संरक्षण और विश्व मानव कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा।
महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर यह सम्मान स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य, न्यायप्रियता, सुशासन, दानशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना है।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान की राशि एक करोड़ एक लाख रुपये निर्धारित की गई है, साथ ही 21 लाख रुपये का राष्ट्रीय सम्मान और पाँच-पाँच लाख रुपये के तीन शिखर सम्मान भी स्थापित किए गए हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को प्रदान किए जाएंगे।
श्रीराम तिवारी के अनुसार यह सम्मान उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाएगा जिन्होंने सुशासन, न्याय, कला, विज्ञान, राजनय, आध्यात्म, समाज कल्याण, भारतीय संस्कृति और वैश्विक भाईचारे जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो तथा अपने कार्यों के माध्यम से इन मूल्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया हो।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सम्मान के अंतर्गत देश स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, वहीं शिखर सम्मान उन सक्रिय व्यक्तियों और संस्थाओं को दिए जाएंगे जिन्होंने सम्राट विक्रमादित्य के बहुविध गुणों से जुड़े क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान दिया हो।
नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं 20 मई 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जहां पात्रता, चयन प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
चयन प्रक्रिया के तहत उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल का गठन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री अध्यक्ष होंगे तथा केंद्रीय संस्कृति मंत्री और मुख्य सचिव स्थायी सदस्य रहेंगे, इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी शामिल किए जाएंगे।
निर्णायक मंडल द्वारा संबंधित क्षेत्र में निरंतर और सक्रिय योगदान को आधार बनाकर चयन किया जाएगा तथा चयनित नामों को अंतिम स्वीकृति के बाद राज्य शासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।






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