भोपाल, 11 मई।
राजधानी में पुलिस विभाग के भीतर ही रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां कोहेफिजा थाने में पदस्थ एक आरक्षक और एफआरवी चालक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
मामला मकान मालिक और किराएदार के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि आरक्षक यशपाल तोमर ने विवाद में किराएदार के पक्ष में कार्रवाई करने और मामला निपटाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की थी।
पीड़ित पक्ष ने इस पूरे मामले की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से की, जिसके बाद शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। तय रणनीति के तहत की गई कार्रवाई में आरक्षक और एफआरवी चालक को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरक्षक को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि एफआरवी चालक को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद कोहेफिजा थाने की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। थाना प्रभारी केजी शुक्ला की भूमिका को लेकर भी जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल का माहौल है।






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