भोपाल, 12 मई।
प्रधानमंत्री की ओर से पेट्रोल और डीजल के सीमित उपयोग की अपील का असर अब प्रदेश में दिखाई देने लगा है। मंगलवार को भोपाल में मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे। वहीं, जबलपुर में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीडी बंसल साइकिल से न्यायालय पहुंचे और ईंधन बचत का संदेश दिया।
भोपाल में सत्येंद्र भूषण सिंह अपने अवधपुरी स्थित निवास से भारतीय जनता पार्टी कार्यालय तक ई-रिक्शा में पहुंचे। हालांकि उनके समर्थन में कई लोग कारों और मोटरसाइकिलों के काफिले के साथ नजर आए। इसी तरह मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन ने भी ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाला। उनका कहना था कि वे सीमित लोगों के साथ पहुंचे थे और बाकी समर्थक अलग वाहनों में आए।
उधर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी ई-स्कूटी से मंत्रालय पहुंचे। इसके साथ ही विभिन्न बोर्ड और निगमों में नियुक्त अध्यक्षों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में कार्यभार ग्रहण किया। ईंधन की बचत को लेकर यह पहल चर्चा का विषय बनी रही।
इसी बीच जबलपुर में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीडी बंसल करीब तीन किलोमीटर तक साइकिल चलाकर न्यायालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि साइकिल का उपयोग किसी भी जिम्मेदारी या पद के लिए बाधा नहीं बनता और ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण हर व्यक्ति का दायित्व है। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर न्यायालय के कुछ कर्मचारियों ने भी साइकिल से आने-जाने की शुरुआत की।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सकारात्मक प्रभाव सामने आ रहा है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में कार्यकर्ता और आम लोग भी पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। साथ ही ईंधन आयात कम करने और वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी बताए गए।











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