नई दिल्ली, 14 मई।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने गुरुवार को नई दिल्ली में “शारदा पीठ–सती देश कश्मीर” पुस्तक का विमोचन किया। यह कृति विश्व हिंदू पीठ, नई दिल्ली के अध्यक्ष आचार्य मदन द्वारा लिखी गई है। कार्यक्रम में शारदा हिंदू पीठ से जुड़े अनेक विद्वान, बुद्धिजीवी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने इस पुस्तक को जम्मू-कश्मीर की प्राचीन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक धरोहर पर आधारित महत्वपूर्ण शोध कार्य बताया। उन्होंने कहा कि शारदा पीठ भारतीय सभ्यता की पहचान, ज्ञान परंपरा और सनातन संस्कृति का प्रमुख प्रतीक रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह पुस्तक कश्मीर के इतिहास, शारदा सभ्यता और वहां की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्यपाल ने कहा कि कश्मीर लंबे समय तक शिक्षा, अध्यात्म और संस्कृत विद्या का प्रमुख केंद्र रहा है, और शारदा पीठ को भारतीय उपमहाद्वीप में विद्वानों एवं संतों के बीच विशेष सम्मान प्राप्त था।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि पुस्तक में कश्मीर के गौरवशाली इतिहास, शारदा सभ्यता, संस्कृत विद्वता और मां शारदा से जुड़ी परंपराओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कृति कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं पर गंभीर अध्ययन को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।
इस अवसर पर आचार्य मदन ने कहा कि इस पुस्तक का उद्देश्य समाज के समक्ष शारदा पीठ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को उजागर करना है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत के इस महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शारदा सभ्यता की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की आवश्यकता है।







.jpg)






