नई दिल्ली, 14 मई।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने 35 वर्षों के अनुभवों पर आधारित पुस्तक ‘अपनापन’ तैयार की गई है, जिसका लोकार्पण 26 मई को पूसा में किया जाएगा।
इस पुस्तक का विमोचन पूर्व उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा के हाथों किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह पुस्तक प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और कार्यशैली को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि उनका प्रधानमंत्री मोदी के साथ संबंध वर्ष 1991 की एकता यात्रा से शुरू हुआ था और यह यात्रा संगठनात्मक कार्यकर्ता से लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियों तक लगातार जारी रही।
शिवराज सिंह ने कहा कि आम तौर पर दुनिया प्रधानमंत्री मोदी को एक दृढ़ और प्रभावशाली नेता के रूप में देखती है, लेकिन उन्होंने उन्हें एक साधक, कर्मयोगी और राष्ट्रहित के लिए समर्पित व्यक्तित्व के रूप में निकट से अनुभव किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी कठिन परिश्रम के बाद भी अगले दिन समान ऊर्जा और स्पष्टता के साथ देशहित के कार्यों में जुटे रहते हैं, जो उनकी कार्यशैली की विशेषता है।
‘अपनापन’ को उन्होंने केवल घटनाओं का संकलन नहीं बल्कि एक विचार, दृष्टि और राष्ट्र निर्माण की भावना का दस्तावेज बताया, जिसमें संगठन से सरकार तक की यात्रा और संवेदना से निर्णय तक के अनुभवों को समेटा गया है।
इस पुस्तक के माध्यम से पाठकों को संकल्प से सिद्धि तक की उस यात्रा की झलक मिलेगी, जिसने देश में परिवर्तन की दिशा को आकार दिया है।







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