लूट, चेन स्नैचिंग और संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की तैयारियों को परखने के लिए जिले के तीनों उपविभागों में एक साथ व्यापक प्रायोगिक कार्रवाई की गई, जिसमें पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, नाकेबंदी व्यवस्था और संदिग्धों की गिरफ्तारी प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने गोपनीय रूप से मौके पर पहुंचकर पूरी व्यवस्था की निगरानी भी की।
शहर क्षेत्र में नियंत्रण कक्ष से सूचना प्रसारित की गई कि सिविल लाइन मार्ग पर एक महिला से चेन छिनने की घटना हुई है और बाइक सवार दो संदिग्ध सत्तीगुड़ी चौक की ओर भागे हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली और चक्रधरनगर पुलिस ने प्रमुख चौराहों पर तत्काल नाकेबंदी शुरू कर दी। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के पास बैग लूट की एक अन्य घटना का भी अभ्यास कराया गया। इस पूरे दौरान वरिष्ठ अधिकारी अनिल सोनी एवं सुशांतो बनर्जी ने चेकिंग प्वाइंट पर पहुंचकर पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की। अभ्यास में शामिल संदिग्ध शहर में घूमने के बाद ओडिशा मार्ग की ओर भागे, जिन्हें पहाड़ मंदिर के पास घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
खरसिया क्षेत्र में दोपहर करीब बारह बजे नियंत्रण कक्ष से लूटपाट की सूचना जारी की गई, जिसके बाद थाना और चौकी स्तर पर तुरंत नाकेबंदी कर सघन जांच अभियान चलाया गया। लगभग आधे घंटे बाद एक संदिग्ध को रायगढ़ चौक पर और दूसरे को मदनपुर चौक पर पकड़ लिया गया, जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके से भागने में सफल रहा। इस कार्रवाई में दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के माध्यम से पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और नाकेबंदी की प्रभावशीलता का प्रदर्शन हुआ। इस अभ्यास का संचालन खरसिया के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में किया गया।
धरमजयगढ़ क्षेत्र में भी इसी तरह की प्रायोगिक स्थिति निर्मित की गई, जिसमें सूचना दी गई कि दशहरा मैदान में एक युवती से चेन छिनकर बाइक सवार दो संदिग्ध कापू मार्ग की ओर भाग गए हैं। सूचना मिलते ही सभी स्थानों पर संदिग्धों का हुलिया और वाहन संबंधी जानकारी प्रसारित की गई। इसके बाद धरमजयगढ़ पुलिस ने कापू मार्ग पर घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया और सफल कार्रवाई का प्रदर्शन किया।










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