रांची, 08 जून।
झारखंड उच्च न्यायालय में अधिवक्ताओं की स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ी जनहित याचिका का अब निस्तारण कर दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी को रिकॉर्ड पर लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं के लिए बीमा योजना लागू कर दी गई है और इसका संकल्प भी जारी हो चुका है। न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि इसकी गजट अधिसूचना अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है, तो इसे अविलंब जारी किया जाए।
यह याचिका विदेश कुमार धान की ओर से दायर की गई थी, जिसमें राज्य के सभी वकीलों के लिए सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कवर की मांग रखी गई थी। सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी के माध्यम से पात्र वकीलों को बीमा लाभ प्रदान करने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। पूर्व में याचिकाकर्ता ने करीब 33 हजार वकीलों के आंकड़े का हवाला देते हुए सभी को लाभ देने की मांग की थी, जिस पर सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने का आश्वासन दिया था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अधिवक्ताओं से किए गए वादे के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत शुरुआती चरण में 15 हजार वकीलों को शामिल किया गया है। अदालत की टिप्पणी के बाद अब योजना की अधिसूचना प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। न्यायालय ने यह मानते हुए याचिका बंद कर दी कि सरकार ने अब मूल मांग को पूरा कर दिया है, जिससे वकीलों को बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी।













