सुपौल, 08 जून।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भीमनगर चेक पोस्ट पर तैनात 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने मानव तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया है। एसएसबी के जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचा लिया है।
सीमा चौकी भीमनगर के जवान नेपाल से भारत की ओर आने वाले राहगीरों की नियमित जांच कर रहे थे। इस दौरान दो युवतियों की हरकतें संदिग्ध लगीं। पूछताछ के दौरान दोनों के बयानों में भारी विरोधाभास मिला, जिसके बाद मामला मानव तस्करी का होने का संदेह गहरा गया।
जांच में पता चला कि 23 वर्षीय आरती कुमारी, जो मधुबनी की रहने वाली है, 14 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी को अपने साथ लेकर आ रही थी। पूछताछ में सामने आया कि उस नाबालिग को अच्छी नौकरी दिलाने का लालच देकर नेपाल के रास्ते भारत लाया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी की मानव तस्करी विरोधी टीम को तुरंत सक्रिय किया गया। प्रक्रिया के तहत सर्वो प्रयास संस्था और जागरण कल्याण भारती के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
अंत में, आरोपी युवती और नाबालिग को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए स्थानीय भीमनगर थाने के सुपुर्द कर दिया गया है। इस सफल ऑपरेशन में सहायक उप निरीक्षक मोहनलाल और उनके साथियों की भूमिका सराहनीय रही।
एसएसबी अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है। यह कार्रवाई सीमा सुरक्षा और तस्करी के खिलाफ जारी अभियानों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।














