तेहरान, 08 जून।
पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान द्वारा इजरायल के सैन्य ठिकानों पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार ने हालिया संघर्ष विराम को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि यह हमला रामत डेविड एयरबेस को निशाना बनाकर किया गया है। तेहरान का आरोप है कि बेरूत के दहिह जिले में हुए हालिया हमले के लिए यही एयरबेस जिम्मेदार था। इस हमले में दो लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए हैं।
इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इजरायली वायुसेना ने ईरान में मौजूद सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इजरायल ने इन केंद्रों को 'ईरानी आतंकी शासन' का हिस्सा करार दिया है।
इस बढ़ते तनाव का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। इराक ने अपना एयरस्पेस 72 घंटों के लिए बंद कर दिया है, वहीं सीरिया और ईरान ने भी कई एयर कॉरिडोर और हवाई अड्डों पर परिचालन रोक दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने परमाणु सुविधाओं को लेकर ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। वहीं, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि इजरायल और अमेरिकी ठिकाने अब उनके वैध लक्ष्य हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने तेहरान को बातचीत की मेज पर लौटने की सलाह दी है और इजरायल से किसी भी बड़ी सैन्य प्रतिक्रिया से बचने को कहा है।
इस तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया है। ऊर्जा आपूर्ति के मार्गों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए निवेशक चिंतित हैं।
भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्हें फिलहाल किसी भी यात्रा से बचने और उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी गई है।















