नई दिल्ली, 08 जून।
दिल्ली के साकेत स्थित सैदुलाजाब इलाके में हाल ही में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के मामले में उच्चतम न्यायालय में एक महत्वपूर्ण स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है। इस मामले में नियुक्त एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) पर गंभीर लापरवाही और अनदेखी का आरोप लगाया है।
रिपोर्ट में एमिकस क्यूरी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि 30 मई को हुई यह त्रासदी निगम की विफलता का परिणाम है, जिसमें पांच मंजिला इमारत पास की एक कैंटीन पर गिर गई थी। इस हादसे में छह लोगों की असमय मृत्यु हो गई थी, जो उस समय वहां भोजन कर रहे थे।
रिपोर्ट की मुख्य मांगें और सुझाव:
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दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई: एमिकस क्यूरी ने भवन कानूनों के उल्लंघन और हादसे की जवाबदेही तय करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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व्यापक कार्रवाई: दिल्ली में बढ़ते अवैध निर्माणों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन से व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का सुझाव दिया गया है।
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पीड़ितों को मुआवजा: रिपोर्ट में मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
यह मामला दिल्ली में असुरक्षित और अवैध निर्माणों के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है। कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी की यह रिपोर्ट अब इस मामले में कानूनी कार्यवाही और भविष्य की नीति निर्धारण में एक अहम आधार बनेगी।














