नई दिल्ली, 08 जून।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के छात्रों द्वारा मंचित नाटक 'श्रीमान चोर?' का समापन समारोह मंगलवार को होगा। नोबेल पुरस्कार विजेता डारियो फ़ो के मशहूर नाटक 'द वर्चुअस बर्गलर' पर आधारित इस हिंदी प्रस्तुति को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला है।
रंगकर्मी इश्तियाक ख़ान के निर्देशन में तैयार इस नाटक का रूपांतरण और संगीत परिकल्पना भी उन्होंने ही की है। यह कहानी एक ऐसे चोर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो चोरी करने के मकसद से एक रईस के घर में दाखिल होता है, लेकिन वहां स्थितियां पूरी तरह बदल जाती हैं।
मंच पर गलतफहमियों और हंसी के ठहाकों का ऐसा सिलसिला शुरू होता है, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। घर के मालिक का प्रेमिका के साथ पहुंचना, फिर पत्नी का आना और चोर की अपनी पत्नी का वहां अचानक मिलना, यह सब मिलकर मंच पर एक मजेदार स्थिति पैदा कर देते हैं।
यह प्रस्तुति केवल कॉमेडी नहीं है, बल्कि यह सामाजिक पाखंड और वैवाहिक जीवन की सच्चाई पर कड़ा व्यंग्य भी है। नाटक में दिखाया गया है कि कैसे तथाकथित सभ्य लोग अपने सच को छिपाने की कोशिश करते हैं।
नाटक को सफल बनाने में नेपथ्य की टीम का बड़ा हाथ है। दीपांकर पॉल ने वेशभूषा, सैंडी सिंह ने ध्वनि, दिव्यांग श्रीवास्तव ने प्रकाश और श्रद्धा विश्वास व निलोय डे ने मंच सज्जा का कार्य संभाला है।
इसका अंतिम प्रदर्शन 9 जून की शाम 7:00 बजे मंडी हाउस के अभिमंच सभागार में होगा, जहां प्रवेश निशुल्क रहेगा।















