राजौरी, 08 जून।
राजौरी के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में उपचार के दौरान एक प्रसूता की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। कोटरंका निवासी नुसरत जहां की मृत्यु के मामले में परिजनों ने चिकित्सा में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए दो स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
परिजनों के अनुसार, महिला की डिलीवरी तीन दिन पहले हुई थी। उनका आरोप है कि एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद नुसरत की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन सोमवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद से ही परिजनों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में विरोध जताया है।
प्रिंसिपल डॉ. ए.एस. भाटिया ने इस मामले की गहन जांच के लिए एक नई कमेटी गठित कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के हर प्रशासनिक और चिकित्सीय पहलू की पड़ताल की जाएगी।
जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए दो स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित किया गया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।













