भोपाल, 11 जून।
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना अब अन्य राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय बन गई है। इस योजना के क्रियान्वयन की जानकारी लेने और विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का एक दल मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचा।
गुरुवार को इस दल ने खाद्य संचालनालय में अधिकारियों से योजना की कार्यप्रणाली, परिवहन व्यवस्था, आईटी आधारित निगरानी प्रणाली, विभागों के बीच समन्वय, हितधारकों की भूमिका तथा खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में इसके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
अपर संचालक खाद्य एचएस परमार एवं अन्य अधिकारियों ने योजना पर विस्तृत पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण दिया और इसके संचालन के विभिन्न पहलुओं को समझाया। छत्तीसगढ़ के दल में सहायक महाप्रबंधक (आईटी एवं उपार्जन) महेंद्र साहू, उप सहायक महाप्रबंधक (परिवहन) मनोज वर्मा, उप सहायक महाप्रबंधक (पीडीएस) त्रिनाधा रेड्डी सहित वरिष्ठ सलाहकार और अन्य अधिकारी शामिल रहे।
यह योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदाय केंद्रों से उचित मूल्य दुकानों तक राशन सामग्री के परिवहन का कार्य बेरोजगार युवाओं के माध्यम से कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसमें लगभग 900 परिवहनकर्ता कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत चयनित युवाओं को 7.5 मीट्रिक टन क्षमता वाले वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जिन पर राज्य सरकार द्वारा प्रति वाहन 1.25 लाख रुपये की मार्जिन मनी और 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।
वर्तमान में इन वाहनों के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 3,000 क्विंटल राशन सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। योजना न केवल युवाओं को रोजगार दे रही है, बल्कि राशन वितरण प्रणाली को भी अधिक तेज और प्रभावी बना रही है।
इन वाहनों की जीपीएस तकनीक के माध्यम से राज्य स्तरीय कमांड कंट्रोल सेंटर से निरंतर निगरानी की जा रही है, जिससे पूरी प्रणाली अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनी हुई है।










