नई दिल्ली, 11 जून।
ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुई सैन्य कार्रवाई को लेकर विवाद और गहरा गया है। अमेरिकी सेना ने अब एमटी जलवीर पर कार्रवाई की पुष्टि करते हुए उसका वीडियो भी जारी किया है। यह लगातार तीसरा अवसर है जब भारतीय क्रू वाले किसी वाणिज्यिक जहाज को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले एमटी जलवीर के खिलाफ कार्रवाई ओमान की खाड़ी में की गई। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि जहाज कथित रूप से ईरानी तेल के परिवहन से जुड़ा था और लागू नाकाबंदी के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था। इसके बाद एक सैन्य विमान ने जहाज के इंजन कक्ष को निशाना बनाकर कार्रवाई की।
सेंटकॉम ने बताया कि इससे पहले एमटी मैरीवेक्स और एमटी सेट्टेबेलो पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये जहाज नाकाबंदी के दौरान निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे।
इधर, भारतीय नाविकों से जुड़े जहाजों पर लगातार हो रही कार्रवाइयों को लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता जताई है।
जानकारी के अनुसार, एमटी सेट्टेबेलो पर हुई कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। वहीं एमटी मैरीवेक्स पर हमले के बाद चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया था। एमटी जलवीर पर सवार भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।
अमेरिकी सेना का दावा है कि 13 अप्रैल से शुरू की गई नाकाबंदी के दौरान अब तक नौ जहाजों को निष्क्रिय किया जा चुका है। इसके अलावा 135 जहाजों का मार्ग बदला गया तथा मानवीय सहायता से जुड़े 42 पोतों को गुजरने की अनुमति दी गई है।
भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया है कि समुद्री क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।











