भोपाल, 11 जून।
मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़े साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह का खुलासा किया है। राजगढ़ जिले की कोतवाली पुलिस ने फर्जी लोन रिकवरी के नाम पर लोगों को धमकाकर धन उगाही करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के खातों से लगभग 30 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन के संकेत भी मिले हैं।
पुलिस के अनुसार मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई, जिसमें पीड़ित ने बताया कि उसे व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार फर्जी लोन रिकवरी कॉल और संदेश भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपियों ने उसकी तस्वीरों का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक सामग्री तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी दी। दबाव में आकर पीड़ित ने विभिन्न यूपीआई खातों में 28 हजार रुपये स्थानांतरित कर दिए।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य स्वयं को रिकवरी एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद वे व्यक्तिगत जानकारी और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी एवं आपत्तिजनक सामग्री तैयार करते और उसे वायरल करने की धमकी देकर अवैध वसूली करते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानांतरित किया जाता था। बाद में रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर लेन-देन की वास्तविक जानकारी छिपाने का प्रयास किया जाता था। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किए जाने के संकेत मिले हैं।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल फोन, बैंकिंग रिकॉर्ड, सोशल मीडिया प्रोफाइल और डिजिटल वॉलेट की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक पड़ताल में करीब 30 लाख रुपये के अन्य संदिग्ध साइबर ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। इससे गिरोह के व्यापक नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जांच एजेंसियां संभावित सहयोगियों और अन्य खातों की भी पड़ताल कर रही हैं।
मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लोन ऐप, फर्जी रिकवरी एजेंट या धमकी भरे ऑनलाइन संदेशों पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग या डिजिटल अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।











