कोलकाता, 11 जून।
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी को राज्यसभा में एक और झटका लगा है। गुरुवार को पार्टी के दो राज्यसभा सदस्यों प्रकाश चिक बड़ाइक और कोयल मलिक ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही बीते चार दिनों के दौरान पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसदों की संख्या चार तक पहुंच गई है।
इससे पहले 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों से दूरी बना ली थी। इसके बाद 10 जून को सुष्मिता देव ने भी अपना त्यागपत्र सौंप दिया। लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति और संगठनात्मक चुनौतियों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
उधर, हाल ही में सांसद काकोली घोष दस्तिदार के बयान ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी थी। उन्होंने दावा किया था कि पार्टी के भीतर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि अलग राजनीतिक रुख अपना चुके हैं। इस दावे के बाद तृणमूल में संभावित गुटबाजी को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया।
इस बीच वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने भी पार्टी नेतृत्व को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि वह उनके साथ खड़ा है या फिर अभिषेक बनर्जी के साथ। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया जा रहा है, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ा है।
कल्याण बनर्जी ने एक कानूनी मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि वकीलों में बदलाव से जुड़ी जानकारी उन्हें देर रात दी गई और इस प्रक्रिया में उनका नाम भी शामिल किया गया। उनके अनुसार यह व्यवहार उचित नहीं था और इससे उन्हें अपमानित महसूस हुआ।
लगातार हो रहे इस्तीफों, नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों और सार्वजनिक रूप से सामने आ रही नाराजगी ने तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब पार्टी की अगली रणनीति और संगठनात्मक कदमों पर टिकी हुई है।










