इंदौर, 11 जून।
जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे के दौरान गुरुवार को इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक उपलब्धियों, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हो रहे विस्तार और निवेश की संभावनाओं का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में विकसित अधोसंरचना और औद्योगिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
दौरे के दौरान हॉलियर ने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। पीथमपुर स्थित महले आनंद थर्मल सिस्टम्स की उत्पादन इकाई में पहुंचकर उन्होंने विनिर्माण प्रक्रियाओं और औद्योगिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही इंदौर में इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज का भ्रमण कर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में विकसित हो रहे नवाचारों और सेवाओं के बारे में जानकारी ली।
भ्रमण के दौरान मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) इंदौर के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने उन्हें औद्योगिक विकास, निवेश अवसरों, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, आईटी इकोसिस्टम और क्षेत्र की व्यापारिक संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र में विश्वस्तरीय अधोसंरचना, उद्योगों के अनुकूल वातावरण, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं।
जर्मन प्रतिनिधि ने औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ इंदौर की सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से जाना। उन्होंने राजवाड़ा और लालबाग पैलेस का भ्रमण कर शहर की ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन संभावनाओं की सराहना की।
क्रिस्टोफ हॉलियर ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक तथा औद्योगिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण संभावनाएं रखता है तथा भविष्य में यह जर्मन निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में उभर सकता है।











