वॉशिंगटन, 11 जून।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक हालिया बयान ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नई बहस छेड़ दी है। ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज करेगा तथा भविष्य में ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड समेत महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचों पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में कदम उठा सकता है।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया मंच पर जारी संदेश में कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है और आने वाले समय में उसकी ऊर्जा अवसंरचना भी अमेरिकी रणनीति का हिस्सा बन सकती है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खार्ग आइलैंड का उल्लेख विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसे ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्रों में गिना जाता है। ईरान के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात इसी क्षेत्र के माध्यम से होता है, जिससे यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जाता है।
ट्रम्प के बयान के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि ईरान को लेकर अमेरिकी नीति का केंद्र केवल सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम तक सीमित है या फिर ऊर्जा संसाधनों और वैश्विक तेल बाजारों से जुड़े व्यापक रणनीतिक हित भी इसमें शामिल हैं।
खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में स्थित एक महत्वपूर्ण द्वीप है, जहां से बड़े पैमाने पर तेल निर्यात किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या नियंत्रण परिवर्तन का असर न केवल ईरान बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।











