कोलकाता, 11 जून।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर कथित विभाजन और संगठनात्मक स्थिति को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच सांसद काकोली घोष दस्तिदार के बयान से नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि पार्टी के भीतर एक अलग समूह सक्रिय है और “असली तृणमूल” को लेकर अंतिम निर्णय चुनाव आयोग करेगा।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके साथ लगभग 20 सांसद जुड़े हुए हैं और वे सभी भारतीय जनता पार्टी के साथ रहने के पक्ष में हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वास्तविक तृणमूल का प्रतिनिधित्व वही समूह करता है, जिसका निर्णय चुनाव आयोग के स्तर पर होगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर अटकलें तेज हैं और राजनीतिक गलियारों में संभावित धड़ों की चर्चाएं लगातार जारी हैं।
काकोली घोष दस्तिदार ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम अचानक नहीं शुरू हुआ है, बल्कि पिछले लगभग दो वर्षों से इस पर विचार-विमर्श चल रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि इसे हाल के चुनावी परिणामों से जोड़ना सही नहीं होगा।
सांसद ने स्पष्ट किया कि उनका पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ चार दशकों का संबंध रहा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में वे अलग राजनीतिक रुख अपना रहे हैं।
उन्होंने विपक्षी नेताओं और पार्टी के भीतर उठ रहे अन्य दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इन बातों से कोई लेना-देना नहीं है और वे पहले ही एनडीए के साथ रहने का निर्णय ले चुके हैं।










