नई दिल्ली, 16 जून।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि एक विवादित वीडियो प्रकरण में धार्मिक संस्था के निर्णय के बाद उनके पास मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक आधार नहीं बचा है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की।
मंगलवार को जारी बयान में चुग ने कहा कि जब संबंधित वीडियो पहली बार सामने आया था, तब भगवंत मान ने उसे फर्जी करार देते हुए दावा किया था कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बाद में इस वीडियो की जांच कराई गई और रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई।
भाजपा नेता के अनुसार, विभिन्न पंथक संगठनों और प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद वीडियो को दो प्रमाणित प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजा गया था। उनका दावा है कि जांच रिपोर्ट में वीडियो को वास्तविक बताया गया और उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ या एआई तकनीक के उपयोग की पुष्टि नहीं हुई।
चुग ने कहा कि जांच निष्कर्षों के आधार पर संबंधित धार्मिक संस्था ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम ने सिख समुदाय की भावनाओं को प्रभावित किया है और इसे लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद जनता की भावनाओं, विश्वास और जवाबदेही से जुड़ा होता है। ऐसे में यदि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि पर इस प्रकार के आरोप लगते हैं तो उसे नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
तरुण चुग ने मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी पूरे घटनाक्रम पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का सम्मान सर्वोपरि है तथा किसी भी राजनीतिक नेतृत्व को जनता की आस्था और परंपराओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने की भी मांग की।













