नई दिल्ली, 16 जून।
नीट पुनर्परीक्षा 2026 से पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को टेलीग्राम पर सक्रिय फर्जी पेपर लीक गिरोहों से सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने कहा है कि कुछ साइबर ठग परीक्षा प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और कथित पेपर लीक के नाम पर छात्रों को भ्रमित कर आर्थिक ठगी का प्रयास कर रहे हैं।
एनटीए द्वारा जारी चेतावनी में बताया गया है कि टेलीग्राम पर संचालित कई चैनल अभ्यर्थियों से कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की मांग कर रहे हैं। ये चैनल दावा करते हैं कि उनके पास नीट पुनर्परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध है, जबकि एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है और ऐसे सभी दावे पूरी तरह भ्रामक हैं।
एजेंसी के अनुसार ऐसे गिरोह केवल पैसे ही नहीं लेते, बल्कि छात्रों से प्रवेश पत्र, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां भी हासिल कर लेते हैं। बाद में इन जानकारियों का उपयोग अन्य अभ्यर्थियों को ठगने या फर्जी प्रचार के लिए किया जा सकता है।
एनटीए ने बताया कि कुछ साइबर अपराधी टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण तैयार करते हैं। इसके तहत पुराने संदेशों को बाद में संपादित कर उनमें प्रश्नपत्र या अन्य सामग्री जोड़ दी जाती है, जिससे ऐसा प्रतीत हो कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध था। बाद में इन स्क्रीनशॉट्स और चैट्स को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाता है।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें, न ही ऐसे संदेशों को आगे बढ़ाएं। साथ ही किसी व्यक्ति, समूह या चैनल को प्रश्नपत्र के नाम पर कोई राशि न भेजें।
एनटीए ने कहा है कि परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियों के लिए केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और उसके सत्यापित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा किया जाए। किसी भी अनधिकृत स्रोत से प्राप्त जानकारी को सही मानने से बचना चाहिए।
एजेंसी ने यह भी कहा कि यदि किसी को ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध गतिविधि या पेपर लीक से जुड़ा कोई फर्जी दावा दिखाई देता है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित साइबर अपराध तंत्र को दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।













