एवियन, 16 जून।
फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्व के कई प्रमुख नेताओं के साथ पारंपरिक ग्रुप फोटो सत्र में शामिल हुए। इस अवसर पर विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों ने एक साथ मंच साझा किया।
ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री मोदी के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे।
इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सम्मेलन स्थल पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। फ्रांस के आमंत्रण पर भारत साझेदार देश के रूप में इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में शामिल हुआ है। यह जी7 सम्मेलन में भारत की 13वीं भागीदारी और प्रधानमंत्री मोदी की लगातार सातवीं उपस्थिति है।
फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में संक्षिप्त प्रवास के दौरान स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई और आपसी संबंधों को नई गति देने पर चर्चा की।
एवियन में प्रधानमंत्री मोदी "नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण" विषय पर आयोजित महत्वपूर्ण कार्य सत्र में भी हिस्सा लेंगे। इस बैठक में जी7 देशों, साझेदार राष्ट्रों तथा प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सतत विकास और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इनमें कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकातें शामिल हैं।
इसके अलावा 17 जून को प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है। इस बैठक में व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
फ्रांस दौरे से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा भी पूरी की। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा रही। इस दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक विस्तार देने का निर्णय लिया, जिससे तकनीक, रक्षा, व्यापार, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिलेगी।














