नई दिल्ली, 30 जून।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक वर्ष पुराने संसद के बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि रक्षा मंत्री ने जुलाई 2025 में सदन को गुमराह किया था। उनका कहना है कि उस समय सदन में यह कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सैनिकों को कोई क्षति नहीं हुई।
विपक्ष का आरोप है कि बाद में सुरक्षा बलों की ओर से खुलासा हुआ कि इस ऑपरेशन में छह सैनिक शहीद हुए थे। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर पत्र साझा करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर इतनी बड़ी जानकारी एक वर्ष तक क्यों छिपाई गई।

वेणुगोपाल ने वर्ष 2025 की संसदीय कार्यवाही का एक हिस्सा भी सार्वजनिक किया है। इसमें रक्षा मंत्री द्वारा विपक्ष को दिए गए उत्तर का उल्लेख है, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन के दौरान सैनिकों को किसी भी प्रकार की क्षति से इनकार किया था।
कांग्रेस का मानना है कि यह संसद और देश की जनता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि नियमों के अनुरूप रक्षा मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, क्योंकि सैनिकों के बलिदान की जानकारी छिपाना सदन की अवमानना है।




















