उमरिया, 30 जून।
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र 2025-26 का समापन होने के साथ मंगलवार से कोर जोन पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। पूरे पर्यटन सत्र के दौरान बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए पर्यटकों ने यहां वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार इस सत्र में 1 लाख 80 हजार से अधिक भारतीय और 31 हजार से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे। इस तरह कुल 2 लाख 11 हजार से अधिक पर्यटकों ने रिजर्व का भ्रमण कर यहां की जैव विविधता और वन्यजीवों को करीब से देखा।
उन्होंने बताया कि इस पर्यटन सत्र में पर्यटन गतिविधियों से 19 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले सत्र की तुलना में लगभग 3 करोड़ रुपये अधिक है। इसे बेहतर पर्यटन प्रबंधन और बांधवगढ़ की बढ़ती लोकप्रियता का परिणाम माना जा रहा है।
पर्यटन अवधि के दौरान पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, हाथी, सांभर, चीतल, जंगली कुत्ते सहित अनेक वन्यजीवों और पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियों के दर्शन हुए। ताला, मगधी और खितौली के कोर जोन के साथ पनपथा सहित बफर क्षेत्र में भी जंगल सफारी का संचालन किया गया।
वन विभाग के अनुसार पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सफारी संचालन, ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था, प्रशिक्षित गाइड, वाहन चालकों की सेवाओं तथा पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। पूरे सत्र के दौरान जिम्मेदार पर्यटन, स्वच्छता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति भी लगातार जागरूकता अभियान चलाए गए।
वन विभाग ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पर्यटन स्थानीय लोगों की आजीविका का भी प्रमुख आधार बन चुका है। गाइड, वाहन चालक, होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों सहित स्थानीय व्यवसायियों को इससे रोजगार के अवसर मिले हैं। प्रबंधन ने पर्यटन सत्र की सफलता में सहयोग देने वाले सभी संबंधित पक्षों का आभार व्यक्त किया है।




















