अनूपपुर, 30 जून।
सांसद हिमाद्री सिंह का नाम एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से लिया जा रहा है। शांत स्वभाव, सौम्य व्यक्तित्व और पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण उन्हें विंध्य-महाकौशल क्षेत्र में भाजपा के प्रमुख जनजातीय नेतृत्व के रूप में देखा जाता है। दो बार लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने के बाद भी उनका सार्वजनिक व्यवहार सादगीपूर्ण बना हुआ है।
वर्ष 2019 और 2024 में लगातार दो बार सांसद निर्वाचित होने के बावजूद उन्होंने अपने पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय दलवीर सिंह और माता पूर्व सांसद स्वर्गीय राजेश नंदिनी सिंह से मिली राजनीतिक एवं सामाजिक विरासत को विनम्रता के साथ आगे बढ़ाया है। सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता और जनसंपर्क लगातार चर्चा का विषय रहे हैं।
बीते वर्षों में निजी जिम्मेदारियों और कोविड काल को छोड़ दें तो हिमाद्री सिंह संसदीय क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में लगातार सक्रिय रही हैं। अमरकंटक, बेनीबारी, बड़वारा, जयसिंहनगर, चंदिया, कोतमा, बिजुरी और वेंकटनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में उन्होंने लोगों के सुख-दुख में भागीदारी निभाई है। क्षेत्र के विकास कार्यों के साथ-साथ संगठन और सरकार की ओर से मिले दायित्वों के निर्वहन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
बताया जाता है कि लगभग तीन दशकों से इस बड़े जनजातीय संसदीय क्षेत्र को केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में हिमाद्री सिंह को भविष्य के संभावित नेतृत्व के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक चर्चाओं में उन्हें शिक्षित, युवा और सक्रिय जनजातीय महिला नेतृत्व के रूप में उल्लेखित किया जा रहा है। हालांकि भविष्य में उन्हें संगठन या केंद्र स्तर पर क्या जिम्मेदारी मिलती है, यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निर्भर करेगा।




















