शिमला, 30 जून।
राजधानी शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस हत्याकांड के पीछे कोई और नहीं बल्कि मृतका का सगा भाई हिमांक मित्तल ही निकला है, जिसने संपत्ति विवाद के चलते अपने कारोबारी साझेदार के साथ मिलकर बहन की हत्या की साजिश रची।
जांच में सामने आया है कि हिमांक मित्तल ने अपने पार्टनर गोविंद के साथ मिलकर दो शूटरों को सुपारी दी थी। मनीषा मित्तल पर उनकी निगरानी रखने के लिए आरोपी भाई ने स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का गलत इस्तेमाल किया। वह कैमरों के जरिए बहन की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए था।
पुलिस की तकनीकी जांच और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल में हत्या की कड़ियां जुड़ती चली गईं। हिमांक ने घटना से पहले गोविंद के खाते में 8 लाख 30 हजार रुपये भेजे थे। आरोपी गोविंद ने वारदात के लिए किराये की कार ली और शूटरों को उपलब्ध कराई।
हत्या के बाद आरोपी गोविंद विदेश भाग गया था, लेकिन लौटने पर वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने 28 जून को उसे रोहतक से गिरफ्तार किया। उसी से मिली जानकारी के बाद 29 जून को मुख्य साजिशकर्ता हिमांक मित्तल को भी दबोच लिया गया।
शिमला पुलिस ने इस मामले के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पत्रकार वार्ता में एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि सीसीटीवी विश्लेषण और मोबाइल डेटा के आधार पर इस जटिल मामले का खुलासा हुआ है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था।




















