भोपाल, 01 जुलाई।
मध्य प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन 30 जून को हुआ। अभियान के दौरान जनभागीदारी के साथ 3 लाख 63 हजार से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार किया गया। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से करीब 7 करोड़ परिवारों तक पहुंच बनाकर जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता का दावा किया गया।
जनसंपर्क अधिकारी अनुराग उइके ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित इस अभियान का उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण, भूजल संवर्धन और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। उन्होंने कहा कि कम वर्षा की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया यह अभियान 30 जून 2026 को संपन्न हुआ और व्यापक जनभागीदारी के कारण एक बड़े जनआंदोलन के रूप में सामने आया।
उन्होंने बताया कि अभियान को सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल मंचों पर भी व्यापक समर्थन मिला। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से जागरूकता सामग्री साझा की गई। विभिन्न हैशटैग के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश प्रदेश, देश और विदेश तक पहुंचा, जिससे लगभग 6 करोड़ 95 लाख 74 हजार 820 लोगों तक डिजिटल पहुंच दर्ज की गई।
अभियान के दौरान मुख्यमंत्री की सतत निगरानी और डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदेशभर में 10,514 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 63 हजार से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण एवं जीर्णोद्धार किया गया। भूजल संवर्धन के लिए 67,708 खेत-तालाब, 225 अमृत सरोवर और 97,614 कूप रिचार्ज संरचनाएं तैयार की गईं। इसके अलावा 10 हजार से अधिक कुओं, नदियों और प्राचीन बावड़ियों की सफाई, सौंदर्यीकरण और अतिक्रमण मुक्त कराने का कार्य भी किया गया। इन उपलब्धियों के आधार पर मध्य प्रदेश को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बताया गया।
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियान के दौरान विभिन्न जिलों का दौरा कर श्रमदान किया और लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। इंदौर से तीसरे चरण की शुरुआत, धार में देवी सागर तालाब के गहरीकरण, उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा, भोपाल के सदानीरा समागम और राजगढ़ में समापन कार्यक्रम में उन्होंने भागीदारी की। उन्होंने दोहराया कि 'जल है तो कल है' और जल संरक्षण के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। अभियान के समापन के साथ 'एक पेड़ माँ के नाम' पौधरोपण अभियान तथा 'विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन' का भी शुभारंभ किया गया।
उन्होंने बताया कि इस अभियान ने मध्य प्रदेश को जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है। वहीं खण्डवा ने जल संचयन के क्षेत्र में देश का प्रथम जिला बनकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। अभियान ने सरकार और समाज की साझी भागीदारी से जल संरक्षण को जनआंदोलन के रूप में मजबूत करने का संदेश दिया।




















