जयपुर, 01 जुलाई।
राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने पाकिस्तान की आईएसआई के लिए कथित तौर पर फंडिंग नेटवर्क संचालित करने वाले एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपित जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक आईएसआई की ओर से धनराशि पहुंचाने का काम करता था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि जनवरी 2026 में शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत दर्ज मामले में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर एमटीएस के पद पर कार्यरत सुमित कुमार को भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलरों तक पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
मामले की जांच के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपितों को कथित जासूसी के बदले मिलने वाली धनराशि महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख के माध्यम से भेजी जाती थी। जांच में उसकी भूमिका सामने आने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की गई।
पूछताछ में यह जानकारी मिली कि रफीक चांद शेख पिछले करीब चार वर्षों से आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था। जांच एजेंसी के अनुसार सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क स्थापित होने के बाद उसने अपने और अन्य लोगों के नाम से विभिन्न बैंक खाते खुलवाए तथा उनके जरिए जासूसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों तक धनराशि पहुंचाई।
जांच में उसके पाकिस्तान की आईएसआई के फंडिंग एजेंट के रूप में कार्य करने के प्रमाण मिलने के बाद सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने 30 जून 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। आईएसआई के इस कथित वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की भी गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कहा कि देश की सुरक्षा के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




















