जोधपुर, 01 जुलाई।
जोधपुर जिले में एक जून से 30 जून तक संचालित विशेष अभियान उमंग सप्तम के तहत बाल श्रम, बाल बंधुआ मजदूरी और मानव दुर्व्यापार (बाल तस्करी) के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 24 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की गई।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विक्रम चेतन सरगरा ने बताया कि रेस्क्यू किए गए 24 बच्चों में 13 जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट, नौ जोधपुर ग्रामीण और दो फलोदी जिले के थे। सभी बच्चों को अलग-अलग स्थानों पर बाल श्रम करते हुए मुक्त कराया गया।
समिति ने आवश्यक कार्रवाई के बाद सभी बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर पारिवारिक पुनर्वास कराया। साथ ही जिला बाल संरक्षण इकाई, जोधपुर को निर्देश जारी किए गए हैं कि पात्र बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि उनके पुनर्वास के साथ-साथ शिक्षा की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान समिति सदस्य बबीता शर्मा, जय भाटी, गंगाराम देवासी और अनिल मरवण भी मौजूद रहे।




















