जौनपुर, 01 जुलाई।
जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में एक लाख रुपये के इनामी मुख्य आरोपित भोले राजभर ने बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित ने पुलिस की गिरफ्त से बचते हुए दीवानी न्यायालय स्थित एसीजेएम द्वितीय की अदालत में सरेंडर किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
यह मामला सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में एक मई को बारात लेकर जा रहे दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या किए जाने से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने भोले राजभर समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी। अब मुख्य आरोपित के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
आरोपित के अधिवक्ता ने बताया कि उनके मुवक्किल ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया है और अब हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। उनका कहना है कि गिरफ्तारी पर रोक के दौरान ही एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले में भोले राजभर की संलिप्तता संदिग्ध है और वह लंबे समय से परिवार से दूर रहकर मानसिक तनाव में था।
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के इस मामले में भोले राजभर की गिरफ्तारी पर 60 दिनों के लिए रोक लगाई थी। हालांकि अदालत ने एफआईआर निरस्त करने की मांग स्वीकार नहीं की थी और निर्धारित अवधि के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया था।
यह मामला खेतासराय थाने में दर्ज आजाद बिंद हत्याकांड से संबंधित है। भोले राजभर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए झूठा फंसाए जाने का दावा किया था।
न्यायालय ने एफआईआर रद्द करने का अनुरोध खारिज करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया मामला एफआईआर निरस्त करने योग्य नहीं है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया था कि यदि आरोपित पहले से गिरफ्तार नहीं है तो 60 दिनों के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत के लिए आवेदन कर सकता है। समय-सीमा का पालन नहीं करने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की भी बात कही गई थी।




















