कानपुर, 01 जुलाई।
कानपुर के चकेरी क्षेत्र में 24 लाख रुपये की लूट की जांच के दौरान सामने आए करीब 3200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और कथित हवाला नेटवर्क मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। करीब पांच महीने से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपित फैज आलम को गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी ने बताया कि फैज आलम, महफूज उर्फ पप्पू छुरी का बेटा है और लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने उसे लखनऊ स्थित केंद्रांचल पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास से गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार इस पूरे प्रकरण की कड़ियां 16 फरवरी को चकेरी क्षेत्र में हुई 24 लाख रुपये की लूट की जांच के दौरान जुड़ी थीं। जांच आगे बढ़ने पर फर्जी फर्मों और बैंक खातों के जरिए संचालित एक बड़े हवाला नेटवर्क की जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि 68 बैंक खातों के माध्यम से करीब 3200 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
मामले में इससे पहले महफूज उर्फ पप्पू छुरी समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि फैज आलम अपने पिता के साथ कथित हवाला कारोबार में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और दोनों नेपाल भी गए थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू कर दी है। ईडी ने पुलिस से अब तक की विवेचना, आरोपितों की चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ा पूरा ब्यौरा मांगा है।
पुलिस जांच में टेनरी संचालकों, कबाड़ कारोबारियों, स्लॉटर फर्मों और अन्य कारोबारियों की काली कमाई को फर्जी खातों के जरिए खपाने की आशंका जताई गई है। इस नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, गुजरात, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश तक जुड़े होने की बात भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य कानूनी धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी।




















