किशनगंज, 01 जुलाई।
सदर थाना क्षेत्र के ओदरा काली मंदिर के पीछे स्थित डॉक नदी में अवैध बालू खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ट्रैक्टर और नाव के जरिए खुलेआम बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
जानकारी के अनुसार अवैध खनन की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचने पर डॉक नदी में चार ट्रैक्टर और एक नाव के माध्यम से बालू निकाला जा रहा था। कैमरा देखते ही खनन में लगे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे ट्रैक्टर लेकर भागने लगे। इस दौरान एक ट्रैक्टर कीचड़ में फंस गया, जिसे दूसरे ट्रैक्टर की मदद से निकालकर वहां से ले जाया गया।
बताया गया कि मामले की सूचना खनन विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को फोन पर दी गई थी। उन्होंने आधे घंटे के भीतर छापेमारी का आश्वासन दिया, लेकिन काफी देर तक विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि अवैध खनन के बदले हर महीने 40 से 50 हजार रुपये का 'महीना' दिया जाता है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
खनन विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने कहा कि जिले में वे अकेले इंस्पेक्टर हैं और लगातार कार्रवाई की जा रही है। उनके अनुसार पिछले तीन दिनों में चार वाहनों को जब्त किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी तबीयत खराब होने के कारण वे अस्पताल में भर्ती थे। उनका कहना है कि यदि किसी के पास ठोस साक्ष्य हैं तो लिखित शिकायत दी जाए, विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा।
वहीं, एसडीएम अनिकेत कुमार ने कहा कि पहले भी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की गई है और आगे भी खनन विभाग के माध्यम से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो अवैध खनन से नदी और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।




















