नई दिल्ली, 01 जुलाई।
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोना तस्करी के खिलाफ देश के कई शहरों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान विदेशी मूल का करीब 9 किलो सोना, 42 किलो चांदी, 700 ग्राम सोने के आभूषण, 8.15 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा और 26.67 लाख रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई है। मामले में कुल आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई के अनुसार गिरोह पूर्वोत्तर राज्यों से अलग-अलग ट्रेनों के जरिए दिल्ली तक सोने की तस्करी करता था। तस्करों ने राजधानी के घनी आबादी वाले इलाके में सोना गलाने की अवैध इकाई भी बना रखी थी। 26 जून को अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के न्यू कूचबिहार रेलवे स्टेशन और बिहार के मंसी जंक्शन से दो तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से करीब दो किलो सोना बरामद हुआ। इसी दिन दिल्ली में भी दो लोगों को 1.2 किलो सोने के साथ पकड़ा गया। इन गिरफ्तारियों के बाद अवैध सोना गलाने वाली इकाई का खुलासा हुआ।
इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में मिजोरम के सैरांग से कोलकाता जा रही एक महिला को भी पकड़ा गया। उसके कमरबंद में छिपाकर रखी गई सोने की 20 ईंटें बरामद हुईं, जिनका कुल वजन 3.3 किलो था।
चेन्नई में डीआरआई ने घरेलू हवाई मालवाहक सेवा के माध्यम से विदेशी मुद्रा की तस्करी से जुड़े एक बड़े रैकेट का भी खुलासा किया। यहां से 7,58,500 अमेरिकी डॉलर और 35 लाख थाई बाहट बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8.15 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में पता चला कि इस विदेशी मुद्रा का उपयोग सोना और चांदी की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
बेंगलुरु हवाई अड्डे पर दुबई से लौटे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 1.8 किलो सोना बरामद हुआ। उसके घर की तलाशी में 42 किलो चांदी, 700 ग्राम सोने के गहने और 26.67 लाख रुपये नकद भी मिले।
डीआरआई का कहना है कि इस कार्रवाई से विदेशी मुद्रा की अवैध खरीद-बिक्री और उसके जरिए संचालित सोना तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार सभी आरोपितों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




















