राजनीति
01 Jul, 2026

भारतीय रेलवे की डिजिटल व्यवस्था की रीढ़ है सीआरआईएस: जीवीएल सत्य कुमार

सीआरआईएस के 41वें स्थापना दिवस पर प्रबंध निदेशक जीवीएल सत्य कुमार ने कहा कि भारतीय रेलवे की सभी प्रमुख डिजिटल सेवाओं और तकनीकी प्रणालियों का संचालन सीआरआईएस करता है तथा एआई आधारित तकनीकों से रेलवे को और अधिक स्मार्ट बनाया जा रहा है।

नई दिल्ली, 01 जुलाई।

रेल मंत्रालय के अधीन कार्यरत रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) के 41वें स्थापना दिवस पर प्रबंध निदेशक जीवीएल सत्य कुमार ने कहा कि भारतीय रेलवे की लगभग सभी डिजिटल सेवाओं और तकनीकी प्रणालियों की आधारशिला सीआरआईएस है। उन्होंने कहा कि रेलवे की प्रमुख आईटी प्रणालियों के विकास, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी इसी संस्था के पास है।

उन्होंने बताया कि सीआरआईएस भारतीय रेलवे के डिजिटल ढांचे की रीढ़ के रूप में कार्य करता है। संगठन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत क्षमताएं विकसित की हैं तथा कई एआई आधारित समाधान सफलतापूर्वक लागू किए जा चुके हैं।

जीवीएल सत्य कुमार ने कहा कि पिछले चार दशकों में संस्था ने अपनी तकनीकी क्षमता का लगातार विस्तार किया है। शुरुआती वर्षों में यात्री आरक्षण प्रणाली और माल ढुलाई संचालन प्रणाली के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि पिछले 10 से 12 वर्षों में रेलवे के अधिकांश कार्यों का डिजिटलीकरण और स्वचालन किया गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का एंड-टू-एंड आईटी एप्लिकेशन इकोसिस्टम दुनिया में अपनी तरह का अनूठा मॉडल है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में संगठन ने तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की हैं।

प्रबंध निदेशक ने बताया कि ट्रेन पाथ प्लानिंग, माल ढुलाई प्रबंधन, प्रिवेंटिव और प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस तथा यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एआई आधारित कई परियोजनाओं पर काम जारी है। इनसे रेलवे की सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि पिछले 41 वर्षों में सीआरआईएस ने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस), फ्रेट ऑपरेशंस इंफॉर्मेशन सिस्टम, यूटीएस, एनटीईएस, कंट्रोल ऑफिस एप्लीकेशन और भारतीय रेलवे ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम जैसी कई महत्वपूर्ण डिजिटल प्रणालियां विकसित की हैं, जिन्होंने रेलवे सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और यात्री-अनुकूल बनाया है।

सत्य कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष शुरू किया गया रेलवन सुपर ऐप यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अब तक इसे 4.35 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है और इसके माध्यम से प्रतिदिन औसतन 10 लाख लेनदेन हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पीआरएस के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई प्रणाली लागू होने के बाद प्रति मिनट 1.25 लाख टिकट बुकिंग की क्षमता उपलब्ध होगी, जो मौजूदा क्षमता से लगभग पांच गुना अधिक होगी। इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक तेज, विश्वसनीय और सक्षम बनेगी।

स्थापना दिवस पर आयोजित संगोष्ठी का विषय ‘गवर्नेंस इन द एज ऑफ एआई– ट्रांसफॉर्मेशन फ्रॉम डिजिटल एंटरप्राइज टू इंटेलिजेंट नेटवर्क’ रखा गया। सीआरआईएस ने कहा कि वह उद्योग, शिक्षाविदों और तकनीकी साझेदारों के सहयोग से भारतीय रेलवे को सुरक्षित, स्मार्ट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परिवहन नेटवर्क बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

25° / 32°

Heavy thunderstorm

ट्रेंडिंग न्यूज़