नई दिल्ली, 01 जुलाई।
केंद्र सरकार ने देश में फार्मेसी शिक्षा और पेशे के नियमन में व्यापक सुधार के उद्देश्य से राष्ट्रीय फार्मेसी आयोग विधेयक-2026 के संशोधित मसौदे पर आम जनता और संबंधित हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी कर बताया कि संशोधित मसौदा मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, विधेयक का प्रारंभिक मसौदा पहले सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया था, जिस पर फार्मासिस्टों, शिक्षाविदों, विशेषज्ञों, संस्थानों और अन्य हितधारकों से प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद आवश्यक संशोधन किए गए हैं। अब संशोधित मसौदे पर दोबारा सुझाव मांगे गए हैं, ताकि प्रस्तावित कानून को और अधिक प्रभावी, व्यावहारिक तथा पारदर्शी बनाया जा सके।
सरकार का कहना है कि मौजूदा फार्मेसी कानून कई दशक पुराना हो चुका है और बदलती स्वास्थ्य सेवाओं, आधुनिक फार्मेसी शिक्षा तथा पेशेवर आवश्यकताओं के अनुरूप नए नियामक ढांचे की जरूरत है। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य फार्मेसी शिक्षा, फार्मासिस्टों के पंजीकरण और पेशे के नियमन के लिए आधुनिक एवं जवाबदेह व्यवस्था विकसित करना है।
मंत्रालय ने आम नागरिकों, फार्मासिस्टों, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और पेशेवर संगठनों से 31 जुलाई 2026 तक ईमेल के माध्यम से सुझाव भेजने का आग्रह किया है। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद विधेयक का अंतिम स्वरूप तैयार कर आगे की विधायी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।




















