मऊ, 02 जुलाई।
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में सिर कटी लाश मिलने के चर्चित हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। घोसी पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया एक अवैध चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद किए हैं। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार और क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह की निगरानी में की गई।
पुलिस के अनुसार 30 जून को जमालपुर–मिर्जापुर हाईवे स्थित एक पुलिया के नीचे सिर कटा अज्ञात शव मिला था। बाद में उसकी पहचान मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के सद्दोपुर निवासी सुभाष बांसफोर के रूप में हुई। मृतक के पुत्र हरिकेश बांसफोर की शिकायत पर एक जुलाई को थाना घोसी में हत्या और शव छिपाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दो जुलाई की देर रात नदवासराय अंडरपास के पास से पवन कुमार, भारत बांसफोर, अवधेश कुमार और बबलू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चारों ने हत्या की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपित भारत बांसफोर ने बताया कि मृतक सुभाष झाड़-फूंक का कार्य करता था। उसका आरोप था कि पहले उसकी मां और बाद में पत्नी की मौत झाड़-फूंक और इलाज में लापरवाही के कारण हुई थी। इसी बात को लेकर परिवार में सुभाष के प्रति गहरा आक्रोश था। इसी रंजिश के चलते भारत, उसके बेटों और रिश्तेदार बबलू ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपितों ने शव को जमालपुर–मिर्जापुर हाईवे की पुलिया के नीचे नाले के किनारे झाड़ियों में छिपा दिया। आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त अवैध चाकू और खून से सने कपड़े बरामद किए। बरामदगी के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 भी जोड़ दी गई है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपित भारत बांसफोर के खिलाफ वर्ष 2017 में मारपीट से जुड़ा एक आपराधिक मामला पहले से दर्ज है।















