पटना, 04 जुलाई।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने वर्ष 2018 के बहुचर्चित हर्ष फायरिंग मामले में बिहार के साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और साहेबगंज विधानसभा सीट रिक्त मानी जाएगी।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार, यदि किसी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में दो वर्ष या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है, तो दोषसिद्धि की तिथि से उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है। इसी प्रावधान के तहत राजू कुमार सिंह की सदस्यता भी समाप्त होगी।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, राजू कुमार सिंह न केवल वर्तमान में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए हैं, बल्कि चार वर्ष की सजा पूरी करने के बाद भी अगले छह वर्षों तक किसी भी चुनाव में उम्मीदवार नहीं बन सकेंगे।
अब अदालत के आदेश की प्रमाणित प्रति बिहार विधानसभा सचिवालय को भेजी जाएगी। इसके बाद सचिवालय आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सदस्यता समाप्त करने और साहेबगंज विधानसभा सीट को रिक्त घोषित करने संबंधी अधिसूचना जारी करेगा। इसके उपरांत अधिसूचना भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी, जिसके बाद उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।
नियमों के अनुसार, यदि विधानसभा का शेष कार्यकाल एक वर्ष से अधिक बचा है, तो सीट रिक्त होने की तिथि से छह माह के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य होता है।
राजू कुमार सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 2005 में लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर की थी। बाद में वर्ष 2020 में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर विधायक बने। वर्ष 2022 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें बिहार सरकार में मंत्री बनाया गया। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में साहेबगंज सीट से जीत दर्ज की थी। अदालत के फैसले के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव की तैयारियां शुरू होने की संभावना है।

















