इंदौर, 04 जुलाई।
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस दक्षता और पारदर्शिता के साथ यह अभियान मध्य प्रदेश में पूरा हुआ है, वह अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त शनिवार को मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक है, जिसमें मतदाता सूची निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।
उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व के 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देशों के संगठन इंटरनेशनल आइडिया (International IDEA) की वर्ष 2026 की अध्यक्षता कर रहा है, जो भारतीय चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता का प्रमाण है।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का विशेष ध्यान वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, प्रवासी श्रमिकों, अशिक्षित नागरिकों और वंचित वर्गों तक मतदाता सेवाएं पहुंचाने पर केंद्रित रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया, समाचार पत्रों, एफएम रेडियो, व्हाट्सएप, पंचायत स्तरीय बैठकों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से व्यापक मतदाता जागरूकता अभियान संचालित किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बूथ लेवल अधिकारियों को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर नए मतदाताओं का पंजीकरण करते हैं तथा मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से दूरस्थ आदिवासी और वन क्षेत्रों में कार्यरत बीएलओ के समर्पण की सराहना की।
उन्होंने कहा कि देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं और चुनाव प्रक्रिया के संचालन में करीब 1.80 करोड़ चुनावकर्मी भाग लेते हैं। इसके बावजूद भारत की चुनाव प्रणाली पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण बनी हुई है। उन्होंने ‘ईसीआई नेट’ (ECI Net) एप को चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण डिजिटल नवाचार बताया।
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की उपलब्धियों और नवाचारों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। बीएलओ ने अपने अनुभव साझा किए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से विभिन्न विषयों पर संवाद भी किया।
















