तेहरान, 04 जुलाई।
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के छह दिवसीय राष्ट्रव्यापी अंतिम संस्कार की शुरुआत शनिवार को तेहरान में हुई। श्रद्धांजलि समारोह में हजारों लोग शामिल हुए और दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी। उनके ताबूत के साथ हालिया संघर्ष में मारे गए लोगों के परिजनों के ताबूत भी रखे गए, जहां लोगों ने प्रार्थना कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
तेहरान के ग्रैंड मोसाला में आयोजित मुख्य समारोह में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ अधिकारी अहमद वाहिदी सहित देश के कई शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पबित्रा मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में भारत सरकार और देशवासियों की ओर से संवेदना व्यक्त करते हुए हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले सभी लोगों के प्रति शोक प्रकट किया।
समारोह में रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, चीन के वरिष्ठ प्रतिनिधि हे वेई, अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी सहित कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहे।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार अंतिम संस्कार की विभिन्न रस्में अगले कई दिनों तक जारी रहेंगी। 9 जुलाई को पवित्र शहर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा, जिसके बाद देश में 40 दिनों का सार्वजनिक शोक मनाया जाएगा।
इस बीच, अंतिम संस्कार की कार्यवाहियों के दौरान ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित साझा गश्त को लेकर फ्रांस और ब्रिटेन को चेतावनी भी दी।

















