जोधपुर, 04 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण ‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने और आधुनिक विमानन अवसंरचना के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अक्टूबर 2016 में शुरू हुई उड़ान योजना के तहत अब तक 669 मार्गों पर संचालन शुरू किया जा चुका है। योजना के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और जल एयरोड्रोम को जोड़ा गया है, जिससे 1.66 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है। केंद्र सरकार ने 25 मार्च 2026 को संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत अगले 10 वर्षों में करीब 29 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
संशोधित योजना के अंतर्गत 12,159 करोड़ रुपये की लागत से 100 नए एयरोड्रोम विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा 3,661 करोड़ रुपये की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड बनाए जाएंगे। क्षेत्रीय एयरलाइन संचालन को बनाए रखने के लिए 10,043 करोड़ रुपये की व्यवहार्यता अंतर निधि भी उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में दूरदराज के क्षेत्रों में स्वदेशी विमानों और हेलीकॉप्टरों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु ने कहा कि संशोधित उड़ान योजना भारत के विमानन क्षेत्र के विकास का नया अध्याय है। उनके अनुसार, यह योजना आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ और किफायती बनाने के साथ किसानों, छात्रों, उद्यमियों और छोटे शहरों को नए अवसर उपलब्ध कराएगी।
प्रधानमंत्री ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। लगभग 23,342 वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस टर्मिनल की क्षमता व्यस्त समय में 1,500 यात्रियों और सालाना 20 लाख यात्रियों की आवाजाही संभालने की है। इसमें 20 चेक-इन काउंटर, आधुनिक सुरक्षा जांच प्रणाली, बैगेज प्रबंधन प्रणाली, छह एयरोब्रिज और करीब 320 कारों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
नए टर्मिनल का डिजाइन राजस्थानी स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। इसमें ऊर्जा दक्ष प्रणाली, जल संरक्षण उपाय और हरित भवन मानकों को अपनाया गया है। सरकार का कहना है कि संशोधित उड़ान योजना और नए टर्मिनल से क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होगा तथा पर्यटन, व्यापार और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

















