हरदा, 04 जुलाई।
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल की पूर्ण खरीदी और समर्थन मूल्य पर खरीद की सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार से कृषि उपज मंडी परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान मोटरसाइकिल रैली निकालकर जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ग्राम चारखेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से आए 400 से अधिक किसानों ने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार बी.डी. तमखाने को ज्ञापन सौंपते हुए मौजूदा खरीदी व्यवस्था पर नाराजगी जताई। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रति एकड़ 120 किलोग्राम मूंग खरीदी की सीमा तय करना वास्तविक उत्पादन के अनुरूप नहीं है। उनका दावा है कि जिले में औसतन 15 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन हुआ है, जबकि कई किसानों को प्रति एकड़ 5 से 6 क्विंटल तक उपज मिली है। ऐसे में सीमित खरीदी के कारण उन्हें अपनी उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।
भारतीय किसान संघ के जिला प्रवक्ता राजनारायण गोर ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की बात करती है, लेकिन वर्तमान खरीदी नीति किसानों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने वर्ष 2025 की सोयाबीन फसल के लंबित बीमा दावों का शीघ्र भुगतान करने की भी मांग की।
किसानों ने जिले में मूंग खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सीमित केंद्रों के कारण किसानों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे परिवहन लागत बढ़ती है और खरीदी प्रक्रिया में भी विलंब होता है।
धरनारत किसानों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने धरनास्थल पर भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी कर ली है तथा चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को भोपाल तक विस्तारित किया जाएगा।

















