किशनगंज, 04 जुलाई।
किशनगंज पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय स्मैक तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 516.81 ग्राम स्मैक, 9,672 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.03 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल से स्मैक की बड़ी खेप पौआखाली थाना क्षेत्र के रास्ते किशनगंज पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में एएनटीएफ और पौआखाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर एलआरपी चौक के पास विशेष वाहन जांच और निगरानी अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को काले रंग के बैग का आदान-प्रदान करते देखा। संदेह के आधार पर दोनों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी लेने पर बैग से अलग-अलग पैकेटों में रखी 516.81 ग्राम हेरोइन (स्मैक) बरामद हुई। साथ ही 9,672 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मंगोलबाड़ी निवासी अनिल साहा और किशनगंज जिले के सुखानी थाना क्षेत्र के सुरिभिटा निवासी अकबर अली के रूप में हुई है। पूछताछ में अनिल साहा ने पुलिस को बताया कि वह मालदा से स्मैक लेकर आया था और इसकी खेप अकबर अली को सौंपने वाला था।
प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपितों के लंबे समय से एक संगठित नेटवर्क के जरिए बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन, बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक के साथ अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। साथ ही नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

















