अंकारा, 08 जुलाई।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव और गहरा गया है। नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए किया गया समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अब तेहरान के साथ कोई बातचीत नहीं करना चाहते हैं।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर हुए हमले के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है। कतर में चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए सिरे से हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाने का दावा किया है। यह हमला हॉर्मुजगान प्रांत और माहशहर बंदरगाह पर अमेरिकी हमलों के बाद किया गया।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उन्होंने ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और आईआरजीसी की 60 से ज्यादा तेज रफ्तार नावें नष्ट कर दी गई हैं।
अमेरिका का कहना है कि यह सैन्य ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग को सुरक्षित करने और ईरान की हमलावर क्षमता को कमजोर करने के लिए चलाया गया है। तेहरान पर नागरिक क्रू वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने का भी आरोप लगा है।















