अंकारा, 08 जुलाई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ हुआ सीज़फायर समझौता अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ आगे किसी भी प्रकार की बातचीत करना महज समय की बर्बादी है।
अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वे अब इस देश के साथ कोई लेन-देन नहीं करना चाहते। उन्होंने ईरान के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए बताया कि व्यावसायिक जहाजों पर हालिया मिसाइल हमलों ने अमेरिका का कूटनीतिक धैर्य खत्म कर दिया है।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में ईरान पर जोरदार हमला किया है। अब उनका मुख्य लक्ष्य ईरान को पूरी तरह से परमाणु मुक्त बनाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान के हाथ में परमाणु हथियार लगे, तो वह इनका उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगा।
तनाव के बीच, अमेरिका ने 17 जून के अंतरिम समझौते के तहत ईरान को दी गई तेल निर्यात की छूट भी वापस ले ली है। दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई में अमेरिका के 85 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद बहरीन और कुवैत में सायरन बजने की खबरें आई हैं।
नाटो सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने स्पेन की कड़ी आलोचना करते हुए उसे एक खराब साझेदार करार दिया। उन्होंने कहा कि स्पेन रक्षा खर्च में पर्याप्त योगदान नहीं दे रहा है, जिसके चलते वे उसके साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने पर विचार कर रहे हैं।
इसके विपरीत, ट्रंप ने तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की प्रशंसा की और तुर्किए को एक मजबूत सहयोगी बताया। उन्होंने दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कूटनीतिक प्रयासों के चलते ईरान को सैन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराए हैं।















