भोपाल, 09 जुलाई।
राजधानी भोपाल के घोड़ा नक्कास स्थित ऐतिहासिक कमाली मंदिर परिसर में प्राचीन देवी-देवताओं की प्रतिमाएं हटाए जाने को लेकर गुरुवार को विवाद खड़ा हो गया। मंदिर परिसर में प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण की सूचना के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं और रहवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध बढ़ने पर हटाई गई प्रतिमाओं को दोबारा उनके मूल स्थान पर स्थापित कराया गया।
जानकारी के अनुसार, सूचना मिलने पर हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के साथ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि व्यापारिक निर्माण की तैयारी के तहत वर्षों पुरानी प्रतिमाओं को बिना धार्मिक परंपराओं का पालन किए उनके मूल स्थान से हटाकर दूसरी जगह रख दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि कमाली मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। उन्होंने दावा किया कि यह भूमि तत्कालीन नवाब की बेगम द्वारा कमाली बाबा को दान में दी गई थी। उनके अनुसार, मंदिर परिसर में पहले से संचालित चेतन मार्केट से लाखों रुपये का किराया प्राप्त होता है, इसके बावजूद एक और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के भव्य पुनर्निर्माण का आश्वासन वर्षों पहले दिया गया था, लेकिन लाल पत्थरों से निर्माण का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका। ऐसे में प्रतिमाओं को हटाया जाना श्रद्धालुओं की आस्था के विपरीत है। विरोध के बाद प्रतिमाओं को पुनः उनके मूल स्थान पर स्थापित कर दिया गया। तिवारी ने कहा कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिमाओं का विधिवत चरणोद्धार कर उन्हें स्थायी रूप से स्थापित कराया जाएगा।
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मंदिर प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।















